hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Salman Yusuf
nahin thii saamne lekin mujhe dikhaai dii
nahin thii saamne lekin mujhe dikhaai dii | नहीं थी सामने लेकिन मुझे दिखाई दी
- Salman Yusuf
नहीं
थी
सामने
लेकिन
मुझे
दिखाई
दी
नफ़ी
की
ज़ेहन
ने
तो
क़ल्ब
ने
गवाही
दी
बताओ
कौन
सी
मंज़िल
है
ये
मुहब्बत
की
किसी
के
होंठ
हिले
और
अज़ाँ
सुनाई
दी
वो
जिसने
ज़ख़्म
दिया
था
बड़े
तपाक
के
साथ
वो
वक़्त
आया
उसी
हाथ
ने
दवाई
दी
- Salman Yusuf
Download Ghazal Image
दु'आ
में
माँग
लूँ
मैं
उसको
लेकिन
फ़क़त
पाना
मेरा
मक़सद
नहीं
है
Shadab Asghar
Send
Download Image
9 Likes
चले
चलिए
कि
चलना
ही
दलील-ए-कामरानी
है
जो
थक
कर
बैठ
जाते
हैं
वो
मंज़िल
पा
नहीं
सकते
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
20 Likes
इश्क़
अगर
बढ़ता
है
तो
फिर
झगड़े
भी
तो
बढ़ते
हैं
आमदनी
जब
बढ़ती
है
तो
ख़र्चे
भी
तो
बढ़ते
हैं
माना
मंज़िल
नहीं
मिली
है
हमको
लेकिन
रोज़ाना
एक
क़दम
उसकी
जानिब
हम
आगे
भी
तो
बढ़ते
हैं
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
72 Likes
उसकी
हसरत
है
जिसे
दिल
से
मिटा
भी
न
सकूँ
ढूँडने
उसको
चला
हूँ
जिसे
पा
भी
न
सकूँ
Ameer Minai
Send
Download Image
37 Likes
मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
67 Likes
दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
34 Likes
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
प्यार
में
कैसी
थकन
कह
के
ये
घर
से
निकली
कृष्ण
की
खोज
में
वृषभानु-लली
मीलों
तक
Kunwar Bechain
Send
Download Image
42 Likes
पेड़
मुझे
हसरत
से
देखा
करते
थे
मैं
जंगल
में
पानी
लाया
करता
था
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
56 Likes
जो
तुम्हें
मंज़िल
पे
ले
जाएँगी
वो
राहें
अलग
हैं
मैं
वो
रस्ता
हूँ
कि
जिस
पर
तुम
भटक
कर
आ
गई
हो
Harman Dinesh
Send
Download Image
70 Likes
Read More
जो
लोग
हम
ख़याल
थे
कहाँ
गए
किधर
गए
वो
मेरी
शाम
ढल
गई
वो
मेरे
दिन
गुज़र
गए
असीर
ए
चश्म
ए
यार
थे
सो
अपने
साथ
यूँँ
हुआ
चमक
उठी
तो
जी
उठे
जो
बुझ
गई
तो
मर
गए
Read Full
Salman Yusuf
Send
Download Image
1 Like
ये
ज़माना
तो
सब
से
बदतर
है
इस
ज़माने
की
बात
मत
करिए
इतना
काफ़ी
है
जी
रहे
हैं
हम
मुस्कुराने
की
बात
मत
करिए
Read Full
Salman Yusuf
Send
Download Image
1 Like
हर
बद-ज़ुबाँ
से
दूर
हूँ
हर
बा-ज़ुबाँ
से
दूर
अक़्ल-ओ-ख़िरद
की
क़ैद
से
वहम-ओ-गुमाँ
से
दूर
बज़्म-ए-तरब
ख़रोश
में
शामिल
हैं
सब
रक़ीब
ले
चल
मेरे
ख़याल
मुझे
अब
यहाँ
से
दूर
उस
जगह
मेरी
क़ब्र
बनाना
ऐ
मेरे
दोस्त
उनके
मकाँ
के
पास
रहूँ
ला-मकाँ
से
दूर
Read Full
Salman Yusuf
Download Image
3 Likes
बस
एक
शोर
मुस्तक़िल
कि
मैं
बहुत
अजीब
हूँ
सदा-फ़ुग़ाँ
हर
एक
दिल
कि
मैं
बहुत
अजीब
हूँ
अजीब
हूँ
तो
कर
रहा
हूँ
अपने
दिल
से
इल्तिजा
लहू
के
लोथड़े
न
हिल
कि
मैं
बहुत
अजीब
हूँ
शिकस्त
ख़ुर्द
हो
के
भी
हूँ
झूमता
निशात
से
हूँ
ख़ुद
ही
ख़ुद
से
मुत्तसिल
कि
मैं
बहुत
अजीब
हूँ
Read Full
Salman Yusuf
Download Image
2 Likes
हर
बद-ज़ुबाँ
से
दूर
हूँ
हर
बा-ज़ुबाँ
से
दूर
अक़्ल-ओ-ख़िरद
की
क़ैद
से
वहम-ओ-गुमाँ
से
दूर
बज़्म-ए-तरब
ख़रोश
में
शामिल
हैं
सब
रक़ीब
ले
चल
मेरे
ख़याल
मुझे
अब
यहाँ
से
दूर
उस
जगह
मेरी
क़ब्र
बनाना
ऐ
मेरे
दोस्त
उनके
मकाँ
के
पास
रहूँ
ला-मकाँ
से
दूर
Read Full
Salman Yusuf
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Dua Shayari
Wedding Shayari
Musafir Shayari
Bijli Shayari
Wada Shayari