gham ka samaan hi nahin hota | ग़म का सामान ही नहीं होता

  - Salman Yusuf
ग़मकासामानहीनहींहोता
अहद-ओ-पैमानहीनहींहोता
हाँमेरेसामनेक़यामतहै
परमैंहैरानहीनहींहोता
मैंनेझेलाहैहिज्रऐसाएक
अबपरेशानहीनहींहोता
वअ'ज़वोइसलिएनहींकरते
मैंपशेमानहीनहींहोता
कुछतोराहेंबदललीहमनेभी
कुछवोक़ुरबानहीनहींहोता
उम्रज़ाएहहुईतजरबोंमें
इश्क़आसानहीनहींहोता
  - Salman Yusuf
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