raas aa.e na KHvaab aankhoñ ko | रास आए न ख़्वाब आँखों को

  - Saif Dehlvi
रासआएख़्वाबआँखोंको
मिलगएइज़्तिराबआँखोंको
एकदेखाथाख़्वाबआँखोंने
सौमिलेहैंअज़ाबआँखोंको
तुममिरेसामनेखड़ेहोमगर
लगरहाहैयेख़्वाबआँखोंको
वोनशाहैतुम्हारीआँखोंमें
देखतीहैशराबआँखोंको
रातभरजागजागकरमैंने
करलियाहैख़राबआँखोंको
सिर्फ़औरतहीक्यूँँकरेपर्दा
मर्दभीदेहिजाबआँखोंको
इसक़दरक्यूँँइन्हेंरुलायाहै
आओऔरदोजवाबआँखोंको
  - Saif Dehlvi
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