har zulm dhhaate hain vo muhabbat ke naam par | हर ज़ुल्म ढाते हैं वो मुहब्बत के नाम पर

  - 'Sabaa'
हरज़ुल्मढातेहैंवोमुहब्बतकेनामपर
फिरछीनतेहैंरूहभीहिजरतकेनामपर
औरसीखनेथेक़ायदेहमकोतोइश्क़के
परहमनेसीखाशिर्कइबादतकेनामपर
कहतेथेख़ुदकोदोस्तहूँमैंदोस्तहूँतिरा
लग्ज़िशसिखागएहैंवोग़ैरतकेनामपर
क्याइसतरहलिखीगईथीउसकीज़िन्दगी
होतीहैरोज़दफ़्नजोइज़्ज़तकेनामपर
येमसअलानहींहैमियाँधर्मकाकोई
मशरूतहूँमैंकुंबाकीइज़्ज़तकेनामपर
ज्यूँहीख़यालआयाकेपढ़लिखकेकुछबनूँ
सबलूटलेगयाकोईशोहरतकेनामपर
दमतोड़तेहैंगोदमेंहीख़्वाबआजकल
पलतेथेमुझ
मेंजोकभीआदतकेनामपर
चलनाथाहमकोरोज़'सबा'वक़्तकीतरह
परसोगएहैंचैनसेक़िस्मतकेनामपर
  - 'Sabaa'
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