मर्दकेमानिंदतोमज़बूतख़्वाहाँमैंनहींहूॅं
कहदियालोआजमैंनेमर्दयकसाँमैंनहींहूॅं
गर्मरखनापेटसबकासर्दरखएहसाससारे
नर्मदिलख़ातूनहूॅंपरगर्म-जोशाँमैंनहींहूॅं
हैबदलनेमेंलगासाराजहाँमुझकोभलाक्यूँँॅं
मैंयगानाएकज़नहूॅंमर्दपरजाँमैंनहींहूॅं
येकहाकिसनेमुझेपीकीनहींहैअबज़रूरत
हूॅंअभीकमउम्रपरऐयारनादाँमैंनहींहूॅं
मैंख़ुदाकीख़ूब-सूरतसिर्फ़ख़िल्कतइसजहाँमें
ज़िंदगीकीज़िंदगीहूॅंबाज़पाशाँमैंनहींहूॅं
इल्ममेरेइश्क़काभीहैअदावतकीख़बरभी
ख़ौफ़मेरेबूदकाहैइससेहैराँमैंनहींहूॅं
मर्दहैमाहिरबदलनेमेंनिगाहेंवक़्तपेपर
मैंनिगाहेंलूँबदलबिस्याररूयाँमैंनहींहूॅं