hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rohit tewatia 'Ishq'
mujhko gham-khwaar kii zaroorat thii
mujhko gham-khwaar kii zaroorat thii | मुझको ग़म-ख़्वार की ज़रूरत थी
- Rohit tewatia 'Ishq'
मुझको
ग़म-ख़्वार
की
ज़रूरत
थी
अपने
इक
यार
की
ज़रूरत
थी
आपका
दोस्त
बन
गया
हूँ
मैं
आपके
प्यार
की
ज़रूरत
थी
थी
ज़रूरत
मुझे
मोहब्बत
की
दिल
को
दिलदार
की
ज़रूरत
थी
हुस्न
से
उसका
काम
चलता
था
हमको
अश'आर
की
ज़रूरत
थी
होंठ
प्यासे
थे
और
बोसे
को
उसके
रुख़्सार
की
ज़रूरत
थी
झूट
अफ़वाह
बन
के
रह
जाता
सच
को
अख़बार
की
ज़रूरत
थी
इश्क़
पिछली
सदी
में
होता
था
मुझको
रफ़्तार
की
ज़रूरत
थी
- Rohit tewatia 'Ishq'
Download Ghazal Image
पहले
तो
सोचा
ख़्वाब
में
आकर
मिलोगी
तुम
फिर
नींद
टूटने
न
दी
इस
इंतिज़ार
में
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
3 Likes
तो
फिर
दुख
भी
लगता
है
कम
कम
हमारा
अगर
साथ
होता
है
हमदम
हमारा
मुहब्बत
बचाकर
के
रक्खी
है
यूँँ
भी
किसी
से
कभी
होगा
संगम
हमारा
मेरी
जाँ
कहीं
के
रहोगे
नहीं
तुम
दिखाने
पे
हम
आए
जो
दम
हमारा
हमें
बस
बता
दो
कि
आना
कहाँ
है
ख़ुदी
हम
बना
लेंगे
मौसम
हमारा
नए
से
नए
ज़ख़्म
देता
है
अब
तो
कभी
इश्क़
होता
था
मरहम
हमारा
Read Full
Rohit tewatia 'Ishq'
Download Image
2 Likes
कैसे
हो
ज़िंदगी
बसर
फिर
भी
आपका
दिल
है
मेरा
घर
फिर
भी
पाँव
तक
हादसों
ने
काट
दिए
हौंसलों
पर
नहीं
असर
फिर
भी
दिल
लगाने
की
तुमको
ज़िद
कैसी
दिल
चुराने
का
है
हुनर
फिर
भी
मैं
मोहब्बत
में
क्या
नहीं
करता
माना
मुश्किल
थी
वो
डगर
फिर
भी
तुम
भी
तन्हा
ही
मुझको
छोड़
गए
तुमको
चाहा
था
किस
क़दर
फिर
भी
है
बला
इश्क़
इश्क़
ज़ालिम
है
तुम
ही
कहते
थे
ना
मगर
फिर
भी
Read Full
Rohit tewatia 'Ishq'
Download Image
5 Likes
उसकी
तरफ़
से
भेज
के
ख़ुद
को
गुलाब
मैं
बिलकुल
उसी
के
जैसे
ही
मुँह
पे
मुकर
गया
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
7 Likes
इक
बार
अपनी
माँ
को
मोहब्बत
से
देख
ले
जिसको
भी
हुस्न-ए-ताम
का
मतलब
नहीं
पता
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Hug Shayari
Kashti Shayari
Bekhabri Shayari
Sad Shayari
Taareef Shayari