jahaan bhar se baghaavat ki gaii thii | जहाँ भर से बग़ावत की गई थी

  - Rohit tewatia 'Ishq'
जहाँभरसेबग़ावतकीगईथी
वोइकलड़कीज़रूरतकीगईथी
उसीनेहीसिखायाहदमेंरहना
जिसेबेहदमोहब्बतकीगईथी
कभीयेसोचतीहोयानहींतुम
तुम्हारीजाँइबादतकीगईथी
तुम्हेंइनकंगनोंकीचाहकैसी
खनकतुमकोअमानतकीगईथी
हमींथेउनकेदीवानेहमींको
रुलानेतककीग़फ़लतकीगईथी
इनआँखोंकाहमेशाख़्वाबथीवो
ख़्वाबोंमेंहक़ीक़तकीगईथी
कभीउठतेथेदोनोंहाथउसको
कभीपीरोंसेमिन्नतकीगईथी
सभीउसकोक़यामतकहरहेहैं
मगरकिसकीबदौलतकीगईथी
  - Rohit tewatia 'Ishq'
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