hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ravi 'VEER'
dard seene men mere hardam raha
dard seene men mere hardam raha | दर्द सीने में मेरे हरदम रहा
- Ravi 'VEER'
दर्द
सीने
में
मेरे
हरदम
रहा
हाँ
मगर
लहजे
में
थोड़ा
कम
रहा
ज़िन्दगी
गुज़री
बिना
महबूब
के
ज़िन्दगी
भर
इश्क़
का
मातम
रहा
- Ravi 'VEER'
Download Sher Image
कितनी
मुश्किल
के
बाद
टूटा
है
एक
रिश्ता
कभी
जो
था
ही
नहीं
Shahbaz Rizvi
Send
Download Image
44 Likes
भले
ही
जान-लेवा
हो
सियासत
को
ग़लत
कहना
मगर
फिर
भी
ये
सच
ईमान
वाले
लोग
कहते
हैं
Amaan Pathan
Send
Download Image
9 Likes
हद
से
ज़्यादा
भी
प्यार
मत
करना
जी
हर
इक
पे
निसार
मत
करना
क्या
ख़बर
किस
जगह
पे
रुक
जाए
साँस
का
एतिबार
मत
करना
Read Full
Qamar Ejaz
Send
Download Image
56 Likes
मेरे
महबूब
मत
बेचैन
होना
तेरे
क़ासिद
ने
ख़त
पहुँचा
दिया
है
Shajar Abbas
Send
Download Image
2 Likes
अजीब
दर्द
का
रिश्ता
था
सब
के
सब
रोए
शजर
गिरा
तो
परिंदे
तमाम
शब
रोए
Tariq Naeem
Send
Download Image
20 Likes
बड़ा
घाटे
का
सौदा
है
'सदा'
ये
साँस
लेना
भी
बढ़े
है
उम्र
ज्यूँँ-ज्यूँँ
ज़िंदगी
कम
होती
जाती
है
Sada Ambalvi
Send
Download Image
36 Likes
दिल
से
साबित
करो
कि
ज़िंदा
हो
साँस
लेना
कोई
सुबूत
नहीं
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
137 Likes
ये
फ़िल्मों
में
ही
सबको
प्यार
मिल
जाता
है
आख़िर
में
मगर
सचमुच
में
इस
दुनिया
में
ऐसा
कुछ
नहीं
होता
चलो
माना
कि
मेरा
दिल
मेरे
महबूब
का
घर
है
पर
उसके
पीछे
उसके
घर
में
क्या-क्या
कुछ
नहीं
होता
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
204 Likes
ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
Send
Download Image
39 Likes
प्यार
का
रिश्ता
ऐसा
रिश्ता
शबनम
भी
चिंगारी
भी
यानी
उन
सेे
रोज़
ही
झगड़ा
और
उन्हीं
से
यारी
भी
Ateeq Allahabadi
Send
Download Image
100 Likes
Read More
ख़्वाबों
को
देखने
से
मिला
कुछ
नहीं
मुझे
लेकिन
शब-ए-ज़ुल्मत
से
गिला
कुछ
नहीं
मुझे
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
कोई
तो
रस्ता
बता
दो
किस
जगह
ख़ुशियाँ
मिलेगी
मैं
भला
ये
इश्क़
के
ग़म
कब
तलक
ढोया
करूँँगा
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
2 Likes
दुख
के
बाद
तो
ख़ुशियाँ
आनी
होती
है
मेरे
रब
तू
ये
भी
भूल
गया
शायद
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
1 Like
इक
नया
पत्ता
'शजर'
में
आ
गया
है
साल
दोबारा
ख़बर
में
आ
गया
है
मुफ़लिसी
के
दौर
में
मुश्किल
बढ़ाने
इक
नया
मेहमान
घर
में
आ
गया
है
अब
कहाँ
है
नीम
वो
आँगन
पुराने
गाँव
तो
सारा
शहर
में
आ
गया
है
इश्क़
के
किस्से
हुए
है
आम
जब
से
हर
तरफ़
शायर
नज़र
में
आ
गया
है
रात
भर
जिसने
रुलाया
था
मुझे,
वो
लौटकर
मिलने
सहर
में
आ
गया
है
'वीर'
कैसे
पार
अब
वो
आएगा,
जो
इश्क़
की
क़ातिल
लहर
में
आ
गया
है
Read Full
Ravi 'VEER'
Download Image
3 Likes
कोई
सुनता
है
कहाँ
टूटे
दिलो
की
दास्ताँ
इसलिए
करता
हूँ
बातें
आईने
से
आजकल
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Deedar Shayari
Safar Shayari
Gham Shayari
Radha Krishna Shayari
Crime Shayari