hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Raunak Karn
nahin hai in dilon men ab jagah to baithne ki bhi
nahin hai in dilon men ab jagah to baithne ki bhi | नहीं है इन दिलों में अब जगह तो बैठने की भी
- Raunak Karn
नहीं
है
इन
दिलों
में
अब
जगह
तो
बैठने
की
भी
मगर
बाहर
भले
छोटी
मगर
दालान
है
ना
बस
- Raunak Karn
Download Sher Image
बुरी
सरिश्त
न
बदली
जगह
बदलने
से
चमन
में
आ
के
भी
काँटा
गुलाब
हो
न
सका
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
32 Likes
ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
हद
से
ज़्यादा
भी
प्यार
मत
करना
जी
हर
इक
पे
निसार
मत
करना
क्या
ख़बर
किस
जगह
पे
रुक
जाए
साँस
का
एतिबार
मत
करना
Read Full
Qamar Ejaz
Send
Download Image
56 Likes
अपनी
मंज़िल
पे
पहुँचना
भी
खड़े
रहना
भी
कितना
मुश्किल
है
बड़े
हो
के
बड़े
रहना
भी
Shakeel Azmi
Send
Download Image
65 Likes
तेग़-बाज़ी
का
शौक़
अपनी
जगह
आप
तो
क़त्ल-ए-आम
कर
रहे
हैं
Jaun Elia
Send
Download Image
81 Likes
हमारा
दिल
तो
हमेशा
से
इक
जगह
पर
है
तुम्हारा
दर्द
ही
रस्ता
भटक
गया
होगा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
30 Likes
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
तू
उसके
दिल
में
जगह
चाहता
है
यार
जो
शख़्स
किसी
को
देता
नहीं
अपने
साथ
वाली
जगह
Umair Najmi
Send
Download Image
47 Likes
'फ़ैज़'
थी
राह
सर-ब-सर
मंज़िल
हम
जहाँ
पहुँचे
कामयाब
आए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
24 Likes
बहुत
सी
हैं
जगह
रहने
कि
यूँँ
तो
मगर
औक़ात
का
अपना
मज़ा
है
Talib Toofani
Send
Download Image
33 Likes
Read More
प्यास
से
पानी
कहे
हम
जा
रहे
थे
राह
पे
तो
बोल
इस
सेे
और
अब
बेकार
क्या
हालात
होते
Raunak Karn
Send
Download Image
0 Likes
नहीं
है
दौड़
'
रौनक
'
जब
सभी
बातें
बताता
था
दिखाई
जो
परे
वो
भी
दिखाता
तो
नहीं
है
अब
Raunak Karn
Send
Download Image
1 Like
नहीं
मतलब
नहीं
मतलब
हमें
अब
तो
किसी
से
भी
हमें
मतलब
अगर
तुम
सेे
न
होता
तो
भुला
देते
Raunak Karn
Send
Download Image
4 Likes
मिरी
तो
दर्द
भी
आख़िर
दवा
तक
तो
गई
होगी
बिना
बोले
मिरी
बोली
हवा
तक
तो
गई
होगी
यहाँ
मजबूर
हूँ
मैं
एक
नज़र
बस
देखने
के
लिए
मिरी
आवाज़
भी
हाजत-रवा
तक
तो
गई
होगी
भले
बरसात
हो
कितनी
ज़मीं
बंजर
की
बंजर
है
ज़मीं
की
दर्द
भी
अब
बे-नवा
तक
तो
गई
होगी
नहीं
पहचानता
कोई
भले
मुझको
यहाँ
पे
अब
मगर
पहचान
मेरी
हमनवा
तक
तो
गई
होगी
Read Full
Raunak Karn
Download Image
1 Like
तुम्हारे
दूर
जाते
ही
क़लम
नज़दीक
आती
है
तुम्हारा
दूर
जाना
अब
मुझे
हरगिज़
नहीं
खलता
Raunak Karn
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Awaaz Shayari
Taareef Shayari
Charity Shayari
Hasrat Shayari
Khushboo Shayari