बुलायाहैतुम्हेंतोफिरभलाघरक्यूँनहींजाते
मुझेअपनीमुहब्बतसेरिहाकरक्यूँनहींजाते
जोतुमयूँँजारहेहोबे-ख़बरहोकरहमींसेअब
सुनोसुनलोज़राफिरयारतुममरक्यूँनहींजाते
रहेतन्हाइयोंमेंहमहमेशासेहीसचहैये
मगरअबपाससेऐयारलश्करक्यूँनहींजाते
मुझेजबप्यासथीतबपासमेंपानीनहींथापर
बुझीअबप्यासहैतोफिरसमुंदरक्यूँनहींजाते
नहींहैअबज़रूरतइसदिल-ओ-जाँकीमुझेसचमें
नजानेपाससेमेरेयेदिलबरक्यूँनहींजाते