hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prit
shaayad usne kabhi vafaa kii hi nain
shaayad usne kabhi vafaa kii hi nain | शायद उसने कभी वफ़ा की ही नइँ
- Prit
शायद
उसने
कभी
वफ़ा
की
ही
नइँ
जो
ये
कहता
है
आँखें
बोलती
नइँ
किसी
पे
इक
दफ़ा
दिल
आ
जाए
बंदा
क्या
फिर
तो
रब
की
चलती
नइँ
तेरी
ख़ामोशी
भी
सुनी
मैं
ने
तू
ने
आवाज़
भी
मेरी
सुनी
नइँ
घर
से
दफ़्तर
तलक
सफ़र
है
सिर्फ़
मौत
है
जानी
फिर
ये
ज़िंदगी
नइँ
उसको
कैसे
बुरी
लगी
मेरी
बात
बात
भी
वो
कभी
जो
मैं
ने
की
नइँ
उसे
बिन
देखें
देख
लेते
हैं
हम
वो
हमें
देखकर
भी
देखती
नइँ
आप
कुछ
ज़्यादा
अपने
आप
से
हैं
वरना
मुझ
में
तो
कोई
भी
कमी
नइँ
कभी
चुप
रह
के
कितना
कहती
है
कभी
वो
बोलकर
भी
बोलती
नइँ
'प्रीत'
आज़ादी
ऐसी
जैसे
हो
क़ैद
क़ैद
ऐसी
जहाँ
गिरफ़्तगी
नइँ
- Prit
Download Ghazal Image
ख़ुदा,
हर
बाप
में
एक
बेटी
होती
है
कि
हर
बेटी
के
अंदर
एक
बाप
होता
है
Prit
Send
Download Image
8 Likes
काम
से
जी
चुराता
हूँ
यानी
चोर
कोई
बड़ा
नहीं
मुझ
सेे
Prit
Send
Download Image
3 Likes
जो
मुझे
छोड़कर
तेरे
पास
आया
है
मेरा
महबूब
ही
तो
नहीं,
रब
भी
है
मुझको
बस
इतना
कहना
है
तुझ
से
रक़ीब
इश्क़
के
साथ
उसकी
इबादत
भी
कर
Read Full
Prit
Send
Download Image
4 Likes
वो
कभी
मेरा
हो
नहीं
सकता,
मैं
उसे
भूल
भी
नहीं
सकता
ये
मेरे
दिल
पे
क्या
मुसीबत
है,
इस
तरफ़
खाई,
उस
तरफ़
कुआँ
है
Prit
Send
Download Image
5 Likes
तेरे
दिल
का
परिंदा
ग़ैर
की
छत
पर
उतर
जाए
ख़ुदाया
ऐसा
कुछ
हो
इस
से
पहले
ही
तू
मर
जाए
Prit
Send
Download Image
7 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Shikwa Shayari
Bahan Shayari
Rang Shayari
Mehnat Shayari
Raqs Shayari