बग़ैरदेखेमुझेक्यावोसोनपाएगा
शब-ए-फ़िराक़अगरचेबहुतसताएगा
तिरेसिवाएमुझेकौनमिलनेआएगा
अधूरातूहीअगरमुझ
मेंछूटजाएगा
तुम्हेंज़रूरहिफ़ाज़तसेकोईरक्खेगा
मगरदवाकहाँसेहिज्रकीवोलाएगा
दियाहुआकिसीकाग़मकोईनहींलेता
तिरायूँँछोड़केजानाबहुतरुलाएगा
गोतेरेबादतुझेयादकरतारहताहूँऔर
मैंसोचताहूँमुझेकौनऐसेचाहेगा