ज़िंदगी के सभी किरदार फ़रिश्ते हो गए

  - Naresh sogarwal 'premi'
ज़िंदगीकेसभीकिरदारफ़रिश्तेहोगए
यानीसारेहीमिरेयारफ़रिश्तेहोगए
मुख़्तसरहीरहाअम्बारमिरेरिश्तोंका
क़िस्सावाहोगयाकिरदारफ़रिश्तेहोगए
दास्ताँएकपहेलीहोगईबनकेमिरी
ज़ख़्मख़ूँहोगएउपचारफ़रिश्तेहोगए
इल्तिजाक्यारखूँतुझसेेयेसुकून-ए-हस्ती
बख़्शाथाचैनवोआसारफ़रिश्तेहोगए
  - Naresh sogarwal 'premi'
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