इस उम्र के ये ज़ुल्म-ओ-सितम हम सेे पूछिए

  - Naresh sogarwal 'premi'
इसउम्रकेयेज़ुल्म-ओ-सितमहमसेेपूछिए
रूठाहुआहैअब्र-ए-करमहमसेेपूछिए
बचपनमेंहीबिछड़गयाहमसेेयेबचपना
वालिदकेखोनेकायेअलमहमसेेपूछिए
जोआपरोयेआपकीज़िदपूरीहोगई
गोयाखिलौनेकायेअलमहमसेेपूछिए
रोदेतेभीहैंदेखकेफ़िल्मोंकीट्रेजडी
कितनाहमारादिलहैसुगमहमसेेपूछिए
पड़जातीहैनज़रकिसीजफ़्तीपेकिसख़याल
बढ़जातेहैंहमारेक़दमहमसेेपूछिए
जोपासभीनहींहैमगरलगताहैकिहै
रिश्ता-ए-जाँकारखनाभरमहमसेेपूछिए
ख़्वाबोंकेज़ख़्महोगएनासूरटुकड़ोंमें
कैसेनिकलरहाहैयेदमहमसेेपूछिए
बिल्कुलनहींइरादाजिसेभूलनेकाभी
करतीहैंयादेंकैसेसितमहमसेेपूछिए
'प्रेमी'जोदेखलेंअभीतोकहकेया-ख़ुदा
बढ़जाएँगेसोउनकेक़दमहमसेेपूछिए
  - Naresh sogarwal 'premi'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy