दिया बना के बैठा हूँ मैं दिल को अपने दाज पर

  - Naresh sogarwal 'premi'
दियाबनाकेबैठाहूँमैंदिलकोअपनेदाजपर
पढ़ोमुझेकिधरसेभीमिसाल-ए-बैत-ए-ताजपर
तिरीमुरादभीनहींतिराफ़िराक़भीनहीं
उदासहोमैंजाताहूँसोअपनेहीमिज़ाजपर
मुझेतोवैसेज़िन्दगीमेंग़मकीभीकमीनहीं
शादहोमैंजाताहूँभलेसुख़नकीलाजपर
बड़ीजवाबदेहीकाहीकामहैयेलिखनाभी
हैएतिबारमुझकोअपनेनेककाम-काजपर
भरोसाकलकातोनहींरहेंभीरहेंमगर
सुरूरअपनाछोड़देतेहैंकिसीभीआजपर
  - Naresh sogarwal 'premi'
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