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Prashant Sitapuri
dekhne ko phir milega teraa chehra
dekhne ko phir milega teraa chehra | देखने को फिर मिलेगा तेरा चेहरा
- Prashant Sitapuri
देखने
को
फिर
मिलेगा
तेरा
चेहरा
सोचकर
यह
फिर
गली
से
तेरी
गुजरे
- Prashant Sitapuri
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अपने
टूटे
फूटे
ख़्वाबों
की
ता'बीर
बनाता
हूँ
मैं
बिखरे
लफ्ज़ों
से
काग़ज़
पर
तस्वीर
बनाता
हूँ
Aves Sayyad
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देख
कर
उसको
दिन
गुज़रते
हैं
एक
तस्वीर
जिस
में
साथ
हैं
हम
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Gopesh "Tanha"
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ज़िंदगी
भर
के
लिए
रूठ
के
जाने
वाले
मैं
अभी
तक
तिरी
तस्वीर
लिए
बैठा
हूँ
Qaisar-ul-Jafri
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बहुत
मज़ाक़
उड़ाते
हो
तुम
ग़रीबों
का
मदद
तो
करते
हो
तस्वीर
खींच
लेते
हो
Nawaz Deobandi
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ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
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Khurram Afaq
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दिल
आबाद
कहाँ
रह
पाए
उस
की
याद
भुला
देने
से
कमरा
वीराँ
हो
जाता
है
इक
तस्वीर
हटा
देने
से
Jaleel 'Aali'
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घर
भरा
होता
है
पर
एक
कमी
होती
है
एक
तस्वीर
बहुत
हँसती
हुई
होती
है
जिनको
चारागरों
की
सूईयाँ
नहीं
चुभती
हैं
ऐसे
बच्चों
को
कोई
बात
चुभी
होती
है
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Rishabh Sharma
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
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कुछ
भी
नहीं
तो
पेड़
की
तस्वीर
ही
सही
घर
में
थोड़ी
बहुत
तो
हरियाली
चाहिये
Himanshu Kiran Sharma
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ग़म
में
हम
सूरत-ए-गमख़ार
नहीं
पढ़ते
हैं
इसलिए
मीर
के
अश'आर
नहीं
पढ़ते
हैं
मेरी
आँखें
तेरी
तस्वीर
से
जा
लगती
हैं
सुब्ह
उठकर
सभी
अख़बार
नहीं
पढ़ते
हैं
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Ashu Mishra
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सभी
को
छूट
थी
नंबर
में
सब
के
सब
बने
अफ़सर
मैं
लड़का
तेज
था
मुझको
भी
मौका
मिल
गया
होता
Prashant Sitapuri
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ये
मान
लिया
मैंने
बदला
हूँ
बहुत
लेकिन
ये
ठीक
है
क्या
पहले
जैसी
ही
रही
हो
तुम
Prashant Sitapuri
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उसका
आना
है
कि
जैसे
किसी
स्टेशन
पर
रेल
कुछ
देर
को
आती
है
चली
जाती
है
Prashant Sitapuri
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ज़माने
भर
का
ग़म
रहता
है
मुझको
भी
मगर
ये
फ़न
कोई
जब
पूछता
है
हाल
तो
कहते
हैं
अच्छा
है
Prashant Sitapuri
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इन
आँखों
से
तुम्हें
बच्चे
लगे
दिल
मुझे
तो
काँच
के
टुकड़े
लगे
दिल
है
सिर
पे
बोझ
जिसके
मुश्किलों
का
भला
उस
शख़्स
का
कैसे
लगे
दिल
किसी
को
दिल
मैं
अपना
क्या
ही
देता
मुझे
सब
ने
दिए
काँटे
लगे
दिल
उसे
भी
शौक़
है
दिल
तोड़ने
का
मेरी
भी
आरज़ू
उस
सेे
लगे
दिल
मेरी
हालत
जो
देखी
सो
हुआ
ये
कि
मुझको
देखकर
रोने
लगे
दिल
मुहब्बत
मुफ़्त
में
जो
मिल
गई
थी
तभी
शायद
उसे
सस्ते
लगे
दिल
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Prashant Sitapuri
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