कोई जहाँ में ख़ूब-रु इतना नहीं हुआ

  - Prashant Sitapuri
कोईजहाँमेंख़ूब-रुइतनानहींहुआ
मानिंदउसकेकोईभीचेहरानहींहुआ
लगताहैजंग-ए-इश्क़मेंउतरानहींकोई
उल्फ़तमेंइनदिनोंकोईशैदानहींहुआ
पहलेतोआँखकाममेंलायीगईमेरी
फिरबादमेंकहाकिमैंदरियानहींहुआ
तुमलोगभीयक़ीनमुहब्बतमेंकररहे
यानीतुम्हारेसाथमेंधोखानहींहुआ?
कैसेकरेंउरूजकीबातेंकिसीसेहम
कुछभीतोअपनेसाथमेंअच्छानहींहुआ
इसबातकीख़ुशीनहींबेटीहुयीहैघर
हमइसलिएदुखीहैंकिबेटानहींहुआ
कोईनहींजोमुझकोदु'आओंमेंमाँगले
यानीकिसीकामैंकभीसपनानहींहुआ
  - Prashant Sitapuri
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