jaane kyun raat ka phir bura lag raha | जाने क्यूँँ रात का फिर बुरा लग रहा

  - Avijit Aman
जानेक्यूँँरातकाफिरबुरालगरहा
इतनीबरसातकाफिरबुरालगरहा
आपनेहालपूछामेराकिसलिए
आपकीबातकाफिरबुरालगरहा
इसतरहअबहमेंयादमतआइए
दिलपेआघातकाफिरबुरालगरहा
आपकावक़्तहमकोनहींचाहिए
झूठीखै़रातकाफिरबुरालगरहा
कौनहैंलोगक्यूँँयेदु'आकररहे
उनकीइमदादकाफिरबुरालगरहा
बिनपिताकेकठिनज़िंदगीहोगई
ऐसेहालातकाफिरबुरालगरहा
क्यूँँमिलेथेकभीआपसेहम'अमन'
उसमुलाक़ातकाफिरबुरालगरहा
  - Avijit Aman
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