hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amanpreet singh
hamesha vo bichhad jaane ki baatein karta rehta tha
hamesha vo bichhad jaane ki baatein karta rehta tha | हमेशा वो बिछड़ जाने की बातें करता रहता था
- Amanpreet singh
हमेशा
वो
बिछड़
जाने
की
बातें
करता
रहता
था
बिछड़
जाने
पे
जो
रो
के
दिखाए
जा
रहा
है
अब
- Amanpreet singh
Download Sher Image
तुम्हें
ये
किसने
कहा
रब
को
नहीं
मानता
मैं
ये
और
बात
कि
मज़हब
को
नहीं
मानता
मैं
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
35 Likes
जो
चुप-चाप
रहती
थी
दीवार
पर
वो
तस्वीर
बातें
बनाने
लगी
Adil Mansuri
Send
Download Image
32 Likes
कू-ब-कू
फैल
गई
बात
शनासाई
की
उस
ने
ख़ुश्बू
की
तरह
मेरी
पज़ीराई
की
Parveen Shakir
Send
Download Image
29 Likes
ख़ुश्बू
की
बरसात
नहीं
कर
पाते
हैं
हम
ख़ुद
ही
शुरुआत
नहीं
कर
पाते
हैं
जिस
लड़की
की
बातें
करते
हैं
सब
सेे
उस
लड़की
से
बात
नहीं
कर
पाते
हैं
Read Full
Gyan Prakash Akul
Send
Download Image
81 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
तुम्हारे
पास
आते
हैं
तो
साँसें
भीग
जाती
हैं
मोहब्बत
इतनी
मिलती
है
कि
आँखें
भीग
जाती
हैं
तबस्सुम
इत्र
जैसा
है
हँसी
बरसात
जैसी
है
वो
जब
भी
बात
करती
है
तो
बातें
भीग
जाती
हैं
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
50 Likes
मुझे
ख़ुश
करने
की
कोई
नई
तरकीब
ढूँढो
अब
यूँँ
उसका
ज़िक्र
हर
इक
बात
पर
अच्छा
नहीं
यारों
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
जब
मसअले
न
हल
हो
सकें
बात-चीत
से
फिर
जंग
ही
लड़ो
कि
ज़माना
ख़राब
है
shaan manral
Send
Download Image
4 Likes
मिले
तो
कुछ
बात
भी
करोगे
कि
बस
उसे
देखते
रहोगे
Shariq Kaifi
Send
Download Image
57 Likes
अहबाब
मेरा
कितना
ज़ियादा
बदल
गया
तू
पूछता
है
मुझ
से
भला
क्या
बदल
गया
अब
तू
तड़ाक
करता
है
वो
बात
बात
पर
अब
उस
के
बात
चीत
का
लहजा
बदल
गया
क़ुर्बत
में
उस
के
अच्छे
से
अच्छे
बदल
गए
जो
मैं
भी
उस
के
पास
जा
बैठा
बदल
गया
पहले
तो
साथ
रहने
की
हामी
बहुत
भरी
फिर
एक
रोज़
उस
का
इरादा
बदल
गया
लैला
बदल
गई
तो
गई
साथ
साथ
ही
मजनूँ
बदल
गया
ये
ज़माना
बदल
गया
तस्वीर
अर्से
बाद
बदलती
है
सब्र
रख
ऐसा
नहीं
न
होता
कि
सोचा
बदल
गया
Read Full
shaan manral
Send
Download Image
5 Likes
Read More
सोच
कर
तुझको
ही
सजाया
है
दिल
ज़मीं
पे
शजर
लगाया
है
जो
महक
है
गुलाब
के
अंदर
सारी
उस
जिस्म
की
ये
माया
है
आग
उसकी
भी
मिटती
जाती
है
जिस्म
पे
थूकने
वो
आया
है
बाग़
में
फूल
बन
के
बैठा
हूॅं
दिल
मेरा
तितलियों
पे
आया
है
Read Full
Amanpreet singh
Download Image
0 Likes
अभी
तक
उस
सफ़र
की
याद
आती
है
हर
इक
दीवार-ओ-दर
की
याद
आती
है
मैं
वो
भटका
परिंदा
हूॅं
जिसे
अब
भी
बुज़ुर्गों
के
शजर
की
याद
आती
है
मेरे
हिस्से
से
गर
वो
जा
चुका
है
तो
अभी
क्यूँँ
उस
नज़र
की
याद
आती
है
मैं
जब
दादास
पूछूँ
उनके
ज़ख़्मों
की
उन्हें
लाहौर
घर
की
याद
आती
है
यूँँॅं
बैठा
सोचता
हूॅं
काश
इस
लम्हे
उधर
होता
जिधर
की
याद
आती
है
Read Full
Amanpreet singh
Download Image
0 Likes
तुझे
तेरी
मोहब्बत
की
क़सम
है
अब
मिटाना
है
गुमाँ
सब
इश्क़
को
लेकर
Amanpreet singh
Send
Download Image
0 Likes
नहीं
ऐसा
मुझे
लगता
नहीं
है
पर
अभी
दिल
और
उस
सेे
मात
चाहे
तो
Amanpreet singh
Send
Download Image
0 Likes
छुप
के
मिलना
पड़
रहा
है
ख़ुद
से
मिलने
के
लिए
भी
Amanpreet singh
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Saadgi Shayari
Jawani Shayari
Violence Shayari
Jannat Shayari
Bekhabri Shayari