main charaagon kii tarah jo raat bhar jalta raha | मैं चराग़ों की तरह जो रात भर जलता रहा

  - Pradeep Kumar
मैंचराग़ोंकीतरहजोरातभरजलतारहा
येपूछोकिसतरहमैंराखमेंढलतारहा
रौनक़ेंजातीरहीमेरेनज़रकेसामने
मैंमुक़द्दरकासतायाहाथहीमलतारहा
लौटआयादरवोमेरेग़मख़ुशीकोथामकर
एकमुद्दतसेवहीजोहादसाटलतारहा
ज़िंदगीनेथामकरजिसराहपरछोड़ामुझे
एकलंबीराहथीउसराहपरचलतारहा
हैनहींशिकवामुझेजोभीगएअच्छागए
यारतेराछोड़करजानामुझेखलतारहा
अजनबीतुझसेेमिलाजोमिलगईथीज़िंदगी
हाँबुरासाख़्वाबथापरख़्वाबभीपलतारहा
  - Pradeep Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy