"राधासाइंतजारहोतुम"
मेरीरगोंमेंबहताइश्क़बेशुमारहोतुम
गंगाकीपवित्रधाराऔरजमजमकीबौछारहोतुम
तुमसोचतीहोकिबहुतसमझदारहोतुम
मेरेलिएतोबच्चोंसीनादानहोतुम
जोमेरीनज़रेबोलतीहैंअक्सर,वहीहरबातहोतुम
बरसानेकीगलियाँहोऔरबनारसकाघाटहोतुम
विश्वाश,सद्भावऔरप्रेमकाप्रमाणहोतुम
कृष्णसीमोहब्बतऔरराधासाइंतज़ारहोतुम