हम हैं तबह इस दश्त कैसे जानता कोई नहीं

  - Chetan Verma
हमहैंतबहइसदश्तकैसेजानताकोईनहीं
जोहैसबबरोनेकाऐसेजानताकोईनहीं
इनरहज़नोंकेशहरमेंदिलयूँँखुलाहीछोड़कर
कबकिसनेलूटादिलयेकैसेजानताकोईनहीं
नज़दीकियाँतोकमथींऐसेभुलानेकेलिए
मातमसेसबगुज़रेहैंजैसेजानताकोईनहीं
फिरतेहवससीनेलिए'आशिक़सयानेदौरके
बोसाअदाकरतेहैंकैसेजानताकोईनहीं
इसआसमाँकेहीसबबहमसेेहुईहैहरख़ता
इसनेदिखाएख़्वाबजैसेजानताकोईनहीं
यूँँहाथबैठेहैंपकडकरसबख़ुशीकीरातमें
दौरानियादुश्वारीवैसेजानताकोईनहीं
  - Chetan Verma
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