अपनामैंक्यूँँनसमझूँमेरेहबीबतुमहो
रिश्ताहैयेपुरानापिछलानसीबतुमहो
कहनेकोयूँँतोमुझसेेतुमख़ूबदूरलेकिन
कोईनहींहैउतनाजितनेक़रीबतुमहो
बरसोंसेआशिक़ीकातन्हामरीज़हूँमैं
हालतसुधररहीहैदिलकेतबीबतुमहो
तुमबात-बातपरजोलेतेहोनामउसका
अक्सरमुझेहैलगतामेरेरक़ीबतुमहो
झेलेहैंदर्दलाखोंउफ़कीनहींज़रासी
कैसेकहेनकोईमालिकअजीबतुमहो
दामनसेमैंनेअपनेबिखरादियाउजाला
सबदेखकरयेहुलियाबोलेग़रीबतुमहो
यूँँतोमुझेगिलाहैअपनीहीज़िंदगीसे
इतनीसीबसख़ुशीहैमेरानसीबतुमहो