ज़ियादास ज़ियादा अपनी ज़ीस्त देंगे फूल

  - Milan Gautam
ज़ियादासज़ियादाअपनीज़ीस्तदेंगेफूल
जोपुर-कशिशरहेंगेक़दमोंमेंबिछेंगेफूल
येशाज़ख़ूबसूरतीपेमतग़ुरूरकर
ज़ियादादेरतकनहींखिलेरहेंगेफूल
येसोचकरकभीतिराबदननहींछुआ
जोतोड़लेंगेहमकलीतोक्याकहेंगेफूल
जोप्यारकरनेवालेदेतेएक-दूजेको
जोईश्वरकोचढ़तेहमतुम्हेंवोदेंगेफूल
कँवल-साअंग-अंगख़ुशबूरात-रानीसी
तूबाग़मेंक़दमतोरखयेलड़मरेंगेफूल
तुमआओतोसहीतुम्हारेइंतिज़ारमें
दिनोंकीबातक्यातमामशबखिलेंगेफूल
मैंसाराबाग़देरहाहूँतोहफ़ेमेंतुम्हें
अगरनहींरहामैंसाथतोरहेंगेफूल
रुबाइयोंमेंशम्सनज़्मोंमेंरहोगीचाँद
तुम्हेंतोहमहमारीग़ज़लोंमेंलिखेंगेफूल
फ़ज़ा-पसंदहमफ़ज़ा-परस्तभीहमीं
मिलेंगेहमवहाँ'मिलन'जहाँबिकेंगेफूल
  - Milan Gautam
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