ये सोच कर हमने मुद्दत गुज़ारी

  - Milan Gautam
येसोचकरहमनेमुद्दतगुज़ारी
कितनीहसींहैंयेआँखेंतुम्हारी
रबक्यूँँगँवाएगाऐसीपरीफिर
जन्नतसेयेहूरकिसनेउतारी
कबहोगीमख़्सूसमँगनीकीतारीख़
कबजान-ए-जाँहोगीशादीहमारी
तुमवोकशिशमरनेदेतीनहींजो
यादेंनहींजीनेदेतींतुम्हारी
तुमसेेमिलनवा'दाहैउम्र-भरका
फ़ानीनहींहैमोहब्बतहमारी
  - Milan Gautam
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