न सगाई न ही बरात की है

  - Milan Gautam
सगाईहीबरातकीहै
उसकोजल्दीसुहाग-रातकीहै
वोमुझेछोड़करजाएगी
मैंनेइसमसअलेपेबातकीहै
कोईलिपटेगाक्यूँँअमीरोंसे
बातहीरे-जवाहिरातकीहै
वोतोक़िस्मतमेंहीनहींशायद
वर्नादिक़्क़तदींज़ातकीहै
आजतुमकलकोईपसंदआए
मुझेबीमारीबे-सबातकीहै
दिल-ए-नाकामइसेमिटादेगा
येबड़ीत्रासदीहयातकीहै
मैंअकेलानहींमोहब्बतमें
यहीहालततोकाएनातकीहै
उसपेबंदिशनहींहैउल्फ़तकी
ये'मिलन'बातपक्ष-पातकीहै
  - Milan Gautam
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