मुझे अमृत पिलाया उसने लेकिन ज़हरस भर-पूर

  - Milan Gautam
मुझेअमृतपिलायाउसनेलेकिनज़हरसभर-पूर
मिरेहिस्सेमेंवोगाँवआयाजोथाशहरसभर-पूर
उसेजोफूलअच्छालगताहैवोतोड़लेतीहै
मोहब्बतभीवोकरतीहैअगरतोक़हरसभर-पूर
वोजिसमेंवस्लभीहोताहैऔरफ़ुर्क़तभीशामिलहै
मोहब्बतइकदवाहैपुर-असरपरज़हरसभर-पूर
मैंमामूलीसफ़ीनाहूँकभीभीडूबसकताहूँ
वोदरियाकाभँवरहैज़ोर-आवरलहरसभर-पूर
फ़क़तइल्हामआनेसेकोईशाइरनहींहोता
अरेशाइरतोहोताहैअरूज़-ओ-बहरसभर-पूर
मैंवोसागरजिसेभ्रमथाकिवोइकपाकनदियाहै
वोनदियाहैमगरहैएकछोटीनहरसभर-पूर
'मिलन'देखानहींअबतकमुकम्मलआलम-ए-इंसाँ
मगरइकशख़्सदेखाजोहैसिर्र-ए-दहरसभर-पूर
  - Milan Gautam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy