मंज़िल अगर तो तेरी उस आसमान में है

  - Milan Gautam
मंज़िलअगरतोतेरीउसआसमानमेंहै
उड़नेकाफिरमज़ाभीलंबीउड़ानमेंहै
पत्थरसेआइनोंकोतोड़ातोजीतहीक्या
हरफ़त्ह-ए-ज़िंदगीतोसख़्तइम्तिहानमेंहै
दुनिया-जहानमेंतोबसतल्ख़ियाँभरीहैं
अख़्लाक़काख़ज़ानाबसख़ानदानमेंहै
रस्तेकठिनलगेथेमुझकोकभीमगरअब
धूलउनकीमेरेघरकेइकपैरदानमेंहै
धन-दौलत-ए-जहाँलेपरतूख़ुदाहोगा
मीर-ए-वफ़ाहैहोनातोशर्तदानमेंहै
इंसानखोजताहैअम्न-ओ-सुकूँअदममें
औरजन्नत-ए-मसर्रतधरकीअमानमेंहै
  - Milan Gautam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy