इक़बाल-ए-मोहब्बत का अदना सा फ़साना है

  - Milan Gautam
इक़बाल-ए-मोहब्बतकाअदनासाफ़सानाहै
माशूक़होया'आशिक़बसजानसेजानाहै
हमफूलोंकेदीवानेपत्थरकाज़मानाहै
शीशातोनहींलेकिनदिलटूटहीजानाहै
भरजाताहैमिलतेहीहरज़ख़्मनयामेरा
जोजानकादुश्मनहैनासूरपुरानाहै
तुमजोनहींतोदुनियावीरान-सराएहै
तुमहोतोमिराआलमहररुतमेंसुहानाहै
हरजानकेजीवनकाअंजामहैमरजाना
आख़िरमेंमहासागरनदियोंकामुहानाहै
अतफ़ालसासादापनऔरतसीसमझदारी
वोलड़कीनहींकेवलअनमोलख़ज़ानाहै
बिल-वास्ताछुप-छुपकरहमइश्क़नहींकरते
जिसओरनिगाहेंहैंउसओरनिशानाहै
  - Milan Gautam
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