bandagi mohabbat kii har qasam pe likhta hooñ | बंदगी मोहब्बत की हर क़सम पे लिखता हूँ

  - Milan Gautam
बंदगीमोहब्बतकीहरक़समपेलिखताहूँ
बे-वफ़ाईकेनग़्मेंइकसनमपेलिखताहूँ
इश्क़इसतरहमैंनेसीखाहैमिरेयारो
मुझमेंख़ुश-मिज़ाजीहैफिरभीग़मपेलिखताहूँ
क्यावजहकिसीग़मकीक्यासबबकोईकमहै
क्यासबबमैंजानूँयेकिससितमपेलिखताहूँ
जबहैहिज्रक़िस्मतमेंअश्कफिरछुपानाक्या
जबतलकनज़रकामिलचश्म-ए-नमपेलिखताहूँ
जबकभीइबादतमेंमेरीनुक़्सपड़ताहै
बा-अदबख़ुदाकेमैंहरकरमपेलिखताहूँ
  - Milan Gautam
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