badh raha hai furqaton ka gham lagaataar | बढ़ रहा है फ़ुर्क़तों का ग़म लगातार

  - Milan Gautam
बढ़रहाहैफ़ुर्क़तोंकाग़मलगातार
अबनिकलताजारहाहैदमलगातार
जैसे-जैसेदिनगुज़रतेजारहेहैं
होरहाहैइश्क़उसकाकमलगातार
इकदफ़ामिलनेकीकोशिशतोकरोतुम
फिरकहोगीख़ुदहीतुमजानमलगातार
इकशजरक्याकाटडालामैंनेजबसे
ख़ुश्कहोतेजारहेमौसमलगातार
हिज्रमेंदरियाकेदरियाभरगएहैं
होरहीहैंआँखेंमेरीनमलगातार
येमोहब्बतसल्तनतकेजैसीउसकी
औरमैंहोताजारहाहूँख़मलगातार
होरहेहैंज़ख़्म-ए-दिलनासूरमेरे
यूँँअज़िय्यतदेरहामरहमलगातार
तुम'मिलन'कोछोड़करजबसेगएहो
आँखोंसेबहतीरहीशबनमलगातार
  - Milan Gautam
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