क्यूँँआजहैदुरुस्तलड़ाईपताकरो
क्यूँँफूलकीदुकानहटाईपताकरो
येपाँवमय-कदेकितरफ़बढ़नहींरहे
किसनेमिरीशराबछुड़ाईपताकरो
ऐसीअगनमचीकिमिरेख़्वाबजलगए
कैसेहवानेआगलगाईपताकरो
इकगांवकेहकीमयेकहकहकेमरगए
कुछइश्क़काइलाजदवाईपताकरो
मैंभीसदीक़शाइरोंकेबीचमेंरहा
मेरीभीआदतेंयाबुराईपताकरो