sadaqat chhupaane ki zid par arde the | सदाक़त छुपाने कि ज़िद पर अड़े थे

  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
सदाक़तछुपानेकिज़िदपरअड़ेथे
येवोलोगथेजोकिसबमेंबड़ेथे
कहींसेभीसंगतछूटी,अराज़िल
तभीतोमुलाज़िमकेसरपेखड़ेथे
वसीयतकिलालचमेंजलतेरहेघर
सुनाहैबड़ेघरकेबच्चेलड़ेथे
ज़मींकीसतहसेयेमिट्टीमिलीबस
असलमेंख़ज़ानेतोनीचेगड़ेथे
शजरएकआँसूसेकाटागयाथा
दोआँगनमेंशाख़ोंसेपत्तेझड़ेथे
मसाफ़ीकितलवारजिसदिनचलीथी
वज़ीरोंकेसरसबसेआगेपड़ेथे
बड़ीजल्दबाज़ीमेंलाशेंछुपादीं
किजैसेकफ़नमेंसितारेजड़ेथे
  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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