hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
badan sarta rahe kirdaar uth jaa.e
badan sarta rahe kirdaar uth jaa.e | बदन सड़ता रहे किरदार उठ जाए
- Nikhil Tiwari 'Nazeel'
बदन
सड़ता
रहे
किरदार
उठ
जाए
ज़मीन-ए-शोर
से
फ़नकार
उठ
जाए
छुपा
लेता
हूँ
कुछ
बातें
ख़ुदाओं
की
वगरना
हर
तरफ़
तलवार
उठ
जाए
बशर
ऐसी
सनक
से
चाल
चल
कोई
दिलों
के
बीच
से
दीवार
उठ
जाए
बुलंद
आवाज़
की
तासीर
ऐसी
है
अगर
दिल
से
सुने
बीमार
उठ
जाए
हमारा
तख़्त
लौटा
दीजिएगा
जब
हमीं
से
गर
सही
हक़दार
उठ
जाए
- Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Download Ghazal Image
अजब
सी
रौशनी
बिखरी
थी
दरिया
के
किनारों
में
फ़लक
ने
चाँद
पिघला
कर
उतारा
आबशारों
में
बताते
हैं
वो
इक
मंज़र
किसी
जादूगरी
सा
था
अमाँ
दिल
हार
बैठे
थे
कई
उस
दिन
नज़ारों
में
Read Full
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Send
Download Image
0 Likes
दयार-ए-नाज़
तक
पहुँची
सदा
उनकी
सुख़न
का
शोर
ऊँचा
है
मुबारक
हो
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Send
Download Image
0 Likes
दिल
के
हर
क़ाश
में
तारीक
दिखाई
देगा
फिर
कहीं
अस्ल
में
सब
ठीक
दिखाई
देगा
अब
ज़रूरत
ही
नहीं
दूर
चले
जाने
की
हर
तमाशा
तुझे
नज़दीक
दिखाई
देगा
Read Full
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Send
Download Image
0 Likes
इक
मकाँ
से
खींच
के
औरत
निकाली
जा
रही
क्या
हुआ
क्यूँँ
तैश
में
रूहत
निकाली
जा
रही
रोज़
का
ये
शोर
गुल
झगड़ा
तमाशा
और
अब
बेबसी
की
आड़
में
बरकत
निकाली
जा
रही
जिन
शरीफ़ों
पर
ख़ुदा
को
भी
शुरू
से
नाज़
था
आज
उनकी
जेब
से
रिश्वत
निकाली
जा
रही
Read Full
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Download Image
0 Likes
बूढ़े
बड़े
शजर
को
कैसे
यक़ीं
दिलाएँ
उस
तिफ़्ल
की
रगों
में
सय्याद
का
लहू
है
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Happy New Year Shayari
Akhbaar Shayari
Haar Shayari
Nigaah Shayari
Naqab Shayari