अक्सरकुछऐसेभीआलमहोतेथे
हमउनकेशानेपेबे-दमहोतेथे
मानामेरीज़दमेंदरियारुकताथा
मानाउनकेअपनेमौसमहोतेथे
मुझकोमतबतलाओमैंनेदेखाहै
किसमजलिसमेंकितनेअदहमहोतेथे
ग़ममेंपीनेवाले'आशिक़क्याजाने
ज़हर-ए-क़ातिलबेहतरमरहमहोतेथे
दीवारेंहीसबकुछसचसचकहतीथीं
किनलड़कोंकेकमरेदरहमहोतेथे
वोकहतेथेदिलमेंख़ंजरउतरेगा
हमहीपागलहरदिनचे-ग़महोतेथे
उनगलियोंमेंअच्छीख़ासीरौनक़है
जिनगलियोंमेंकलतकमातमहोतेथे