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Navneet krishna
zameen pe agarche jawaan aur bhi hain
zameen pe agarche jawaan aur bhi hain | ज़मीं पे अगरचे जवाँ और भी हैं
- Navneet krishna
ज़मीं
पे
अगरचे
जवाँ
और
भी
हैं
हमारी
तरह
के
कहाँ
और
भी
हैं
तुम्हारी
नज़र
के
अलावा
भी
हमदम
ज़माने
में
तीर-ओ-कमाँ
और
भी
हैं
- Navneet krishna
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सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
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देखने
के
लिए
सारा
आलम
भी
कम
चाहने
के
लिए
एक
चेहरा
बहुत
Asad Badayuni
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तू
जो
हर
रोज़
नए
हुस्न
पे
मर
जाता
है
तू
बताएगा
मुझे
इश्क़
है
क्या
जाने
दे
Ali Zaryoun
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हमारे
सीने
पे
उँगलियों
से
तुम
अपना
चेहरा
बना
रहे
थे
तुम्हें
कुछ
उस
की
ख़बर
नहीं
थी
हमारे
दिल
में
जो
चल
रहा
था
Nadim Nadeem
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वो
आँखें
बुझ
चुकी
होंगी
नज़ारा
हो
चुका
होगा
'अली'
वो
शख़्स
अब
दुनिया
को
प्यारा
हो
चुका
होगा
Ali Zaryoun
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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कभी
ज़िन्दगी
से
यूँँ
न
चुराया
करो
नज़र
कि
मौजूद
भी
रहो
तो
न
आया
करो
नज़र
S M Afzal Imam
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घूमता
रहता
है
हर
वक़्त
मेरी
आँखों
में
एक
चेहरा
जो
कई
साल
से
देखा
भी
नहीं
Riyaz Tariq
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हम
तोहफ़े
में
घड़ियाँ
तो
दे
देते
हैं
एक
दूजे
को
वक़्त
नहीं
दे
पाते
हैं
आँखें
ब्लैक
एंड
व्हाइट
हैं
तो
फिर
इन
में
रंग
बिरंगे
ख़्वाब
कहाँ
से
आते
हैं?
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Fareeha Naqvi
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मुमकिन
है
कि
सदियों
भी
नज़र
आए
न
सूरज
इस
बार
अँधेरा
मिरे
अंदर
से
उठा
है
Aanis Moin
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आपको
अपना
बनाना
चाहता
हूँ
इक
नई
दुनिया
बसाना
चाहता
हूँ
आपको
मैं
आज़माना
चाहता
हूँ
इक
नया
ये
कारनामा
चाहता
हूँ
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Navneet krishna
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मैं
वो
मेयार
हूँ
जो
दुनिया
में
झोपड़ी
को
महल
बनाता
हूँ
Navneet krishna
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इंसाँ
के
ज़मीरों
को
जला
देती
है
ग़ुर्बत
कुछ
बात
है
दर
उसका
अँधेरे
में
खुला
है
Navneet krishna
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डूबते
को
निकाला
है
कुछ
बात
है
हाथ
ऐसे
में
कोई
बढ़ाता
नहीं
ऐसा
लगता
है
ठोकर
मिली
है
उसे
इश्क़
'नवनीत'
से
वो
जताता
नहीं
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Navneet krishna
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इश्क़
में
धोखा
खाने
वाले
हम
है
दर्द
छुपाने
वाले
छोड़
के
मुझको
जाने
वाले
लौट
के
कब
है
आने
वाले
शायद
वे
नादान
ही
होंगे
आज
मुझे
अपनाने
वाले
तुमको
इक
दिन
आना
होगा
रूठ
के
मुझ
सेे
जाने
वाले
सच्चाई
से
वाकिफ़
हूँ
मैं
बातों
से
बहलाने
वाले
वक़्त
तुम्हें
लूटेगा
इक
दिन
ईमाँ
बेच
के
खाने
वाले
उठते
है
'नवनीत'
नहीं
वो
नज़रों
से
गिर
जाने
वाले
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Navneet krishna
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