hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Navneet krishna
zaKHmon pe zakhm kh
zaKHmon pe zakhm kh | ज़ख़्मों पे ज़ख़्म खाए ज़माने गुज़र गए
- Navneet krishna
ज़ख़्मों
पे
ज़ख़्म
खाए
ज़माने
गुज़र
गए
पत्थर
भी
घर
में
आए
ज़माने
गुज़र
गए
मेरी
निगाह
अब
भी
उसी
सिम्त
है
मगर
खिड़की
पे
उसको
आए
ज़माने
गुज़र
गए
- Navneet krishna
Download Sher Image
कभी
फूल
देखती
है
कभी
देखती
है
कलियाँ
मुझे
कर
रही
है
पागल
ये
नज़र
फिसल
फिसल
के
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
4 Likes
जिस
की
जानिब
'अदा'
नज़र
न
उठी
हाल
उस
का
भी
मेरे
हाल
सा
था
Ada Jafarey
Send
Download Image
22 Likes
ईद
के
बा'द
वो
मिलने
के
लिए
आए
हैं
ईद
का
चाँद
नज़र
आने
लगा
ईद
के
बा'द
Unknown
Send
Download Image
19 Likes
यूँँ
तो
वो
शख़्स
बिलकुल
बे-गुनह
है
ज़माने
की
मगर
उस
पे
निगह
है
हमारे
दरमियाँ
जो
दूरियाँ
हैं
यक़ीनन
तीसरी
कोई
वजह
है
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
4 Likes
मैं
नज़र
से
पी
रहा
था
तो
ये
दिल
ने
बद-दुआ
दी
तिरा
हाथ
ज़िंदगी
भर
कभी
जाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
48 Likes
ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
Read Full
Karan Sahar
Send
Download Image
9 Likes
हुस्न
को
हुस्न
बनाने
में
मिरा
हाथ
भी
है
आप
मुझ
को
नज़र-अंदाज़
नहीं
कर
सकते
Rais Farog
Send
Download Image
33 Likes
ठहर
जाती
हैं
क्यूँ
नज़रें
वहाँ
पर
जहाँ
बैठी
थी
तुम
जुल्फ़ें
सुखाकर
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
लाई
न
ऐसों-वैसों
को
ख़ातिर
में
आज
तक
ऊँची
है
किस
क़दर
तिरी
नीची
निगाह
भी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
22 Likes
तुम्हें
देखे
ज़माना
हो
गया
है
नज़र
महके
ज़माना
हो
गया
है
बिछड़के
तुम
सेे
आँखें
बुझ
गई
हैं
ये
दिल
धड़के
ज़माना
हो
गया
है
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
32 Likes
Read More
मर
मिटे
जाम
पर
आपके
नाम
पर
किस
तरह
आप
यूँँ
जा
रहे
बाम
पर
Read Full
Navneet krishna
Send
Download Image
6 Likes
उसने
बुलवाया
मुझे
जाना
पड़ा
बेसबब
ही
मुझको
मुस्काना
पड़ा
Navneet krishna
Send
Download Image
2 Likes
तुम
तो
ऊँचे
घराने
से
हो
हम
ही
मुफ़लिस
सनम
रह
गए
Navneet krishna
Send
Download Image
6 Likes
आबाद
हुए
शहर
में
शमशान
हज़ारों
क़ातिल
तेरे
शमशीर
के
एहसान
हज़ारों
जो
आप
चले
आए
सरे
बाम
क़सम
से
होने
लगे
कुर्बान
दिलो
जान
हज़ारों
Read Full
Navneet krishna
Send
Download Image
5 Likes
लाख
दुश्मन
करें
यहाँ
कोशिश
सत्य
हैं
हम
तो
हमको
काल
कहाँ
Navneet krishna
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Democracy Shayari
Sooraj Shayari
Chai Shayari
Khyaal Shayari
Ghamand Shayari