dheema zehar | "धीमा ज़हर"

  - Navneet Vatsal Sahil
"धीमाज़हर"
उम्मीद-ओ-ख़्वाहिशें
ज़िन्दगीजीनेकोअहमतोहैंमगर
येधीमाज़हरहोतीहैं
गरहोजाएँज़्यादातो
ख़त्मकरदेतीहैं
धीरे-धीरेख़ुशियोंको
पालनेवालेइंसानकोआख़िरश
मैंनेभीमेरीजानाँ
तुमसेरखीथींउम्मीदें
तुमसेपालीथींख़्वाहिशें
अव्वलदर्ज़ेकीउम्मीदें
अव्वलदर्ज़ेकीख़्वाहिशें
औरअबयेहालहैजानाँ
ख़ुशियोंकीराखपरज़िन्दगी
रोती-रोतीधीमीमौतमररहीहै
जानाँतुमनेमुझकोसिखलायाहै
उम्मीद-ओ-ख़्वाहिशेंज़हरहोतीहैं
  - Navneet Vatsal Sahil
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