milne ko roz milte hain yuñ to hazaar log | मिलने को रोज़ मिलते हैं यूँँ तो हज़ार लोग

  - Najmu Ansari Nazim
मिलनेकोरोज़मिलतेहैंयूँँतोहज़ारलोग
मिलतेनहींहैंपरकहींबचपनकेयारलोग
लोगोंसेजाकेमतकहोघरकीकोईभीबात
पैदाकरेंगेआपकेघरमेंदरारलोग
हमनेज़राजोप्यारसेकरलीहैगुफ़्तगू
होनेलगेहैंदेखलोसरपरसवारलोग
पागलथामैंजोआपकेझाँसेमेंगया
करतेकहाँहैंइश्क़कभीहोशियारलोग
ख़ालीयेजेबहैतोकोईपूछतानहीं
वरनासलामकरतेथेहमकोभीचारलोग
हमनेतोख़ुशियाँबाँटीहैंदुनियामेंबे-हिसाब
देतेनहींहैंपरहमेंग़मभीउधारलोग
'नाज़िम'तुम्हारेप्यारमेंबदनामहोगया
मिलकरहँसीउड़ारहेहैंअबतोयारलोग
  - Najmu Ansari Nazim
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy