hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Naaz ishq
cheez koii bhi apni jagah na milti ghar men
cheez koii bhi apni jagah na milti ghar men | चीज़ कोई भी अपनी जगह न मिलती घर में
- Naaz ishq
चीज़
कोई
भी
अपनी
जगह
न
मिलती
घर
में
जब
से
माँ
की
जगह
हुई
है
ख़ाली
घर
में
जब
से
बहन
हुई
है
रुख़्सत
और
पिता
जी
तब
से
मुझ
को
याद
आती
है
घर
की
घर
में
- Naaz ishq
Download Sher Image
हम
ही
में
थी
न
कोई
बात
याद
न
तुम
को
आ
सके
तुम
ने
हमें
भुला
दिया
हम
न
तुम्हें
भुला
सके
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
28 Likes
तुम
उन
के
वा'दे
का
ज़िक्र
उन
से
क्यूँँ
करो
'ग़ालिब'
ये
क्या
कि
तुम
कहो
और
वो
कहें
कि
याद
नहीं
Mirza Ghalib
Send
Download Image
121 Likes
वो
कोई
दोस्त
था
अच्छे
दिनों
का
जो
पिछली
रात
से
याद
आ
रहा
है
Nasir Kazmi
Send
Download Image
68 Likes
बैठे
बिठाए
हम
को
सनम
याद
आ
गए
फिर
उन
के
साथ
उन
के
करम
याद
आ
गए
कोई
जो
राह
चलते
अचानक
मिला
मियाँ
हम
को
हर
एक
रंज-ओ-अलम
याद
आ
गए
Read Full
shaan manral
Send
Download Image
2 Likes
याद
भी
आता
नहीं
कुछ
भूलता
भी
कुछ
नहीं
या
बहुत
मसरूफ़
हूँ
मैं
या
बहुत
फ़ुर्सत
में
हूँ
Bharat Bhushan Pant
Send
Download Image
62 Likes
नहीं
आती
तो
याद
उनकी
महीनों
तक
नहीं
आती
मगर
जब
याद
आते
हैं
तो
अक्सर
याद
आते
हैं
Hasrat Mohani
Send
Download Image
31 Likes
उसको
याद
करो
और
उसपर
शे'र
लिखो
दिन
भर
फ़ोन
चलाने
से
तो
बेहतर
है
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
51 Likes
अब
तो
उन
की
याद
भी
आती
नहीं
कितनी
तन्हा
हो
गईं
तन्हाइयाँ
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
ये
शहर-ए-अजनबी
में
अब
किसे
जा
कर
बताएँ
हम
कहाँ
के
रहने
वाले
हैं
कहाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
Send
Download Image
117 Likes
वफ़ा
करेंगे
निबाहेंगे
बात
मानेंगे
तुम्हें
भी
याद
है
कुछ
ये
कलाम
किस
का
था
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
37 Likes
Read More
काश
इक
बार
फिर
मोहब्बत
हो
इस
दफ़ा
पर
मेरी
तरफ़
से
नहीं
Naaz ishq
Send
Download Image
5 Likes
अब
हस्ब-ए-आरज़ू
न
कोई
न
जुस्तजू
है
अब
अब
तो
कोई
भी
मिल
जाए
गुज़ारा
कर
लेंगे
Naaz ishq
Send
Download Image
5 Likes
जब
तक
इल्म
मुझे
हो
पाया
उस
से
मोहब्बत
का
तब
तक
तो
मुझ
सेे
काफ़ी
दूर
जा
चुका
था
वो
Naaz ishq
Send
Download Image
4 Likes
चार
दिन
मसअला
हुआ
होगा
और
फिर
वो
सँभल
गया
होगा
हम
किसी
और
सबब
से
बिछड़े
थे
उसने
तुम
से
कुछ
और
कहा
होगा
लौट
आना
था
अब
तलक
तो
उसे
दोस्तों
ने
मना
किया
होगा
होगा
ख़ामोश
मेरे
ज़िक्र
पे
वो
या
तो
फिर
मुस्कुरा
दिया
होगा
सामना
कर
भी
पाएगा
क्या
वो
जब
कभी
मुझ
से
सामना
होगा
औरों
को
वो
हॅंसाता
फिरता
है
हम
समझते
थे
रो
रहा
होगा
ख़ुद-कुशी
अब
उसे
सदा
देगी
जब
कभी
कोई
हादसा
होगा
बढ़ा
तो
बढ़ता
ही
गया
है
बस
बता
ये
दर्द
कब
दवा
होगा
लौट
आने
का
मसअला
नहीं
है
मसअला
इंतिजार
का
होगा
Read Full
Naaz ishq
Download Image
0 Likes
उस
को
हम
में
दिलचस्पी
थी
और
हमें
थी
ग़ज़लों
में
दो
मिसरे
कहने
थे
उस
को
इतना
भी
न
हुआ
उस
से
Naaz ishq
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bechaini Shayari
Environment Shayari
Beti Shayari
Good morning Shayari
Shadi Shayari