apni baat manaane ko ham aankh bhigoya karte the | अपनी बात मनाने को हम आँख भिगोया करते थे

  - Naaz ishq
अपनीबातमनानेकोहमआँखभिगोयाकरतेथे
खेलनाहोताथाआँगनमेंबीजबोयाकरतेथे
दिनअबनिकलनेकोहोताहैपलकेंहल्कीहोतीहैं
औरइकवक़्तथाजबहमदिनढलतेहीसोयाकरतेथे
डूबगएकबप्यारमोहब्बतमेंहमकोमालूमनहीं
हमतोपानीमेंकाग़ज़कीनावडुबोयाकरतेथे
ख़ुद्दारीऔरनफ़रतकेकीड़ोंनेकीफ़सलेंबर्बाद
क्योंकिवोबीजमोहब्बतकेथेजोहमबोयाकरतेथे
हाथछुड़ायापापाकाऔरकितनादूरचलेआए
पहलेतोबसउॅंगलीछूटगईऔरखोयाकरतेथे
कैसेकपड़ेपहनेहैंमैंनेकैसादिखताहूॅंमैं
कोईपर्वानहींथीकितनेसादाहोयाकरतेथे
'नाज़'पतंगजवानीकीबचपनमेंऊॅंचीउड़तीथी
क्योंकिहमउसकीडोरीमेंकुछख़्वाबपिरोयाकरतेथे
अम्मीकीबातेंसुनताहूॅंतोहैरतहोतीहै'नाज़'
भाईबहनमेंसबसेेज़्यादातुमहीरोयाकरतेथे
  - Naaz ishq
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