har aashiq ki ye chaahat hai meraa ishq mukammal ho | हर 'आशिक़ की ये चाहत है, मेरा इश्क़ मुकम्मल हो

  - Vikas Shah musafir
हर'आशिक़कीयेचाहतहै,मेराइश्क़मुकम्मलहो
लेकिनयेतोनामुमकिनहै,सबकाइश्क़मुकम्मलहो
ऊपरवालेकीरहमतथी,तूमेराहोपायानइँ
लेकिनअबतूजैसीभीहै,तेराइश्क़मुकम्मलहो
ऊपरवाले,तूबेशकमुझकोतन्हारखनालेकिन
जिसनेशिद्दतसेचाहाहो,पहलाइश्क़मुकम्मलहो
पागल-पनदेखो,आईनेसेउल्फ़तकरबैठाहूँ
मेराहोहोलेकिन,आईनेकाइश्क़मुकम्मलहो
इकअर्सेसेचलताआयाहै,मालीकाबाग़ोंसे
आगेभीरहमतहोउनदोनोंकाइश्क़मुक़म्मलहो
  - Vikas Shah musafir
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