jis se milta tha khule dil se main bachpan ki tarah | जिस से मिलता था खुले दिल से मैं बचपन की तरह

  - Muneer shehryaar
जिससेमिलताथाखुलेदिलसेमैंबचपनकीतरह
देखतावोहैमुझेआजभीदुश्मनकीतरह
शर्मकोताकपेरक्खाहैयहाँँलोगोंने
येमेराशहरभीहोजाएगालंदनकीतरह
उसकेऊपरतोमुझेकोईभरोसाहीनहीं
दोस्तमेरातोबदलजाताहैसीजनकीतरह
ऐसालगताहैवोपहनेहैकलाईमेंमुझे
वोघुमातीहैमुझेरोज़हीकंगनकीतरह
  - Muneer shehryaar
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