aankhoñ se mere dard ke manzar chale ga.e | आँखों से मेरे दर्द के मंज़र चले गए

  - Mukesh Jha
आँखोंसेमेरेदर्दकेमंज़रचलेगए
जैसेकिमाँकेपाससेज़ेवरचलेगए
उसनेकहाकिजंगनहींदिल-लगीकरो
मैदान-ए-जंगसेसभीलश्करचलेगए
कोशिशबहुतकीहमनेकितन्हारहेंअब
जबदिलकहींनहींलगातोघरचलेगए
कुछदोस्तोंकीयादमुझेअबभीआतीहै
जानेकहाँवोसारेसितमगरचलेगए
इकदौरथाकिइश्क़मेंहोताथाइकजुनून
इकदौरयेहैइश्क़केजौहरचलेगए
दुनियाकोदेखकरयहीलगनेलगाहैअब
बदतरयहाँरुकेरहेबेहतरचलेगए
  - Mukesh Jha
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