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Kavi Naman bharat
sabhi sochte the hamaara virah hai
sabhi sochte the hamaara virah hai | सभी सोचते थे हमारा विरह है
- Kavi Naman bharat
सभी
सोचते
थे
हमारा
विरह
है
बिछड़
के
अलग
हम
हुए
ही
नहीं
थे
- Kavi Naman bharat
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नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
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Jaun Elia
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'मुनीर'
अच्छा
नहीं
लगता
ये
तेरा
किसी
के
हिज्र
में
बीमार
होना
Muneer Niyazi
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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जहाँ
से
जी
न
लगे
तुम
वहीं
बिछड़
जाना
मगर
ख़ुदा
के
लिए
बे-वफ़ाई
न
करना
Munawwar Rana
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तेरा
चेहरा
सुब्ह
का
तारा
लगता
है
सुब्ह
का
तारा
कितना
प्यारा
लगता
है
तुम
से
मिल
कर
इमली
मीठी
लगती
है
तुम
से
बिछड़
कर
शहद
भी
खारा
लगता
है
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Kaif Bhopali
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तू
परिंदा
है
किसी
शाख़
को
घर
कर
लेगा
जो
तेरे
हिज्र
का
मारा
है
किधर
जाएगा
Shadab Javed
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हिज्र
में
इश्क़
यूँँ
रखा
आबाद
हिचकियांँ
तन्हा
तन्हा
लेते
रहे
Siraj Tonki
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मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
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उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
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सुब्ह
तक
हिज्र
में
क्या
जानिए
क्या
होता
है
शाम
ही
से
मिरे
क़ाबू
में
नहीं
दिल
मेरा
Jigar Moradabadi
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बहुत
मेकअप
लगाती
है,
हमें
नखरे
दिखाती
है
कभी
नज़रें
चुराती
है
कभी
हमको
सताती
है
नज़र
उसकी
करे
घाइल
लबों
का
काम
है
मरहम
मुहब्बत
दर्द
देती
है
मगर
जीना
सिखाती
है
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Kavi Naman bharat
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प्यार
ख़ुद
से
मिलाता
ये
कहते
हैं
सब
प्यार
ने
पर
हमें
हम
सेे
तन्हा
किया
Kavi Naman bharat
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कलयुगी
प्रेम
वो
जो
टिका
स्वार्थ
पर,
प्रेम
करना
यहाँ
तो
स्वयं
से
करो
Kavi Naman bharat
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वचन
आपने
जो
निभाया
नहीं
था,
इरादा
हमें
क्यूँ
जताया
नहीं
था
तुम्हारे
हृदय
के
भवन
में
बहुत
हैं,
हमें
ये
कभी
क्यूँ
बताया
नहीं
था
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Kavi Naman bharat
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इक
अधूरे
सपन
का
न
पाना
हुआ
आँसुओं
का
बहुत
पर
कमाना
हुआ
प्रेम
को
खोजते
खोजते
खो
गए
प्रेम
की
खोज
में
प्रेम
जाना
हुआ
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Kavi Naman bharat
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