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Kavi Naman bharat
jise tum jaan kahte ho
jise tum jaan kahte ho | जिसे तुम जान कहते हो
- Kavi Naman bharat
जिसे
तुम
जान
कहते
हो
सुनो
वो
जानलेवा
है
- Kavi Naman bharat
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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कहाँ
तक
साथ
दोगी
तुम
हमारा
सनम
जावेदाँ
है
यह
ग़म
हमारा
Avtar Singh Jasser
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चाहे
हो
आसमान
पे
चाहे
ज़मीं
पे
हो
वहशत
का
रक़्स
हम
ही
करेंगे
कहीं
पे
हो
दिल
पर
तुम्हारे
नाम
की
तख़्ती
लगी
न
थी
फिर
भी
ज़माना
जान
गया
तुम
यहीं
पे
हो
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Nirmal Nadeem
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हम
जान
से
जाएँगे
तभी
बात
बनेगी
तुम
से
तो
कोई
राह
निकाली
नहीं
जाती
Wasi Shah
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चुरायगा
उसी
से
आँख
क़ातिल
ज़रा
सी
जान
जिस
बिस्मिल
में
होगी
Dagh Dehlvi
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वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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बोसा
लिया
जो
उस
लब-ए-शीरीं
का
मर
गए
दी
जान
हम
ने
चश्मा-ए-आब-ए-हयात
पर
Ameer Minai
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पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
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Ashraf Ali
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ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
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Jawwad Sheikh
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प्यार
की
बात
आए
बुलाना
मुझे
छोड़
के
मैं
ज़माना
चला
आऊँगा
Kavi Naman bharat
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मुलाक़ात
तुम
सेे
नहीं
हो
रही
है,
मुझे
याद
आती
तुम्हारी
निगाहें,
यही
बात
हमको
रुलाती
रही
है,
नए
साजना
अब
नईं
और
बाँहें
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Kavi Naman bharat
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स्वयं
की
खोज
में
जिसने
स्वयं
का
मूल
जाना
है
नुकीले
शूल
को
उसने
यहाँ
पर
फूल
जाना
है
सभी
नदियों
की
चाहत
है
समुंदर
जीत
लेना
पर
समुंदर
से
मिलन
पर
तो
स्वयं
को
भूल
जाना
है
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Kavi Naman bharat
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मिला
हर
ग़म
पुराना
अब,
हमें
है
भाता
जानेमन
उन्हीं
ग़म
के
सहारे
दिल,
तुम्हें
है
पाता
जानेमन
अगर
तुम
छोड़
कर
हमको,
न
जाती
इस
तरह
से
तो
ज़माना
जीतने
का
दम,
कहाँ
से
आता
जानेमन
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राम
को
जो
लिखा
राममय
हो
गए
राम
के
नाम
से
शब्द
लय
हो
गए
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