सर-ए-शाम-ए-हिज्र दिवाने घर तो नहीं गए

  - MIR SHAHRYAAR
सर-ए-शाम-ए-हिज्रदिवानेघरतोनहींगए
ज़रादेखतोलोकहींवोमरतोनहींगए
चलोमानलेतेहैंख़ाकहोकेहीआएहैं
मगरअपनेवादेसेहममुकरतोनहींगए
किसीदिलगलीमेंकहींवोहश्रबपानहीं
कहींवोभीदिलसेमेरेउतरतोनहींगए
सफ़र-ए-जुनूनभीख़त्महोनेकोआयाहै
वोतुम्हारीयादकेज़ख़्मभरतोनहींगए
हमेंभीख़बरनहींहमकहाँगएइसकेबाद
मगरउसकेकूचेसेउठकेघरतोनहींगए
अरेबे-ख़बरज़रादेखदिलकेसराएमें
वोजोक़ाफ़िलेरुकेथेगुज़रतोनहींगए
रह-ए-शौक़मेंहुएहैंअगरचेलहूलहू
मेरेलड़खड़ातेक़दमठहरतोनहींगए
येउठाहैशोरकहाँकहींमेरेघरकेफूल
किसीआइनेकीतरहबिखरतोनहींगए
यहीदम-ब-दमरहीबाग़बान-ए-चमनकोफ़िक्र
कहींख़ारदामन-ए-गुलकतरतोनहींगए
बड़ीदेरदरियाकोदेखेजारहेहोजनाब
कहींआपकोईइरादाकरतोनहींगए
  - MIR SHAHRYAAR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy