dard | "दर्द"

  - Minhaj Pathan
"दर्द"
जानेक्यूँँहूँमैंतन्हाइसभीड़में
क्यूँँसबकुछपीछेछूटरहाहै
कोईबचालोबिखरनेसेमिनहाज
कोईसँभालोयेदिलटूटरहाहै
धुँधलीसीहैअबराहेंभी
थोड़ीसीनमहैनिगाहेंभी
मरसागयाहैकुछअंदरमेरे
छोड़रहीसाथयेसाँसेंभी
इसदर्दसेअबमेरादमघुटरहाहै
कोईसँभालोयेदिलटूटरहाहै
जीतेजीवोहमकोमारगया
रहमनाज़राभीदिखायाउसने
सज़ातोखूबदीउसबेदर्दीने
परक़ुसूरहमाराबतायाउसने
नज़रोंकेसामनेघरमेरालूटरहाहै
कोईसँभालोयेदिलटूटरहाहै
  - Minhaj Pathan
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