rahte ho jis khor mujhko le chalo tum | रहते हो जिस खोर मुझको ले चलो तुम

  - Aditya Maurya
रहतेहोजिसखोरमुझकोलेचलोतुम
बाँधकोईडोरमुझकोलेचलोतुम
ख़ुशबहुतहूँपरमगरलगताहैफिरभी
हूँयहाँकमज़ोरमुझकोलेचलोतुम
अबजिधरसेरहीहैयेउदासी
यूँँकरोउसओरमुझकोलेचलोतुम
हैजहाँपरबोलतीरहतीख़मोशी
होजिधरयूँँशोरमुझकोलेचलोतुम
इकतरफ़सहरालगाउससेेसमुंदर
देखऐसाछोरमुझकोलेचलोतुम
आजभीमुझकोकिसीका'आलम-ए-ख़्वाब
देताहैझकझोरमुझकोलेचलोतुम
औरतोमुझकोयहीसबचाहिएअब
बसकिसीभीओरमुझकोलेचलोतुम
  - Aditya Maurya
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