ख़मोशीलफ़्ज़परभारीनयातर्ज़एबयाँअपना
पराएमुल्कमेंअबढूँढताहूँ,हमज़बाँअपना
येदुनियाहै,तमाशाहै,नहींकुछभीयहाँअपना
नकोईराज़दाँअपनानकोईमह्रबाँअपना
मुहब्बतलामकाँलोगोंकोऐसाघरबनादेगी
हरइकज़र्रेमेंउनकोफिरदेखेगाआशियाँअपना
गुज़रतीहैइसीउम्मीदपरइंसानकीराहें
कहींपरतोज़मींअपनीकहींपरआसमाँअपना
नमंज़िलहै,नरस्ताहै,नसाथीहै,नकुछआराम
अज़लसेताअबदचलतारहेगाकारवाँअपना